शुक्रवार, सितंबर 17, 2010

रास्ता फिर मिल गया है ज़िन्दगी का

3 टिप्‍पणियां:

  1. ग़ज़ल और प्रस्तुति दोनों बहुत सुन्दर हैं।

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  2. रंग भरना तुम वफ़ा का, सादगी का....बहुत सुन्दर शेर है।

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  3. second last sher vishesh pasand aya...

    Maaf karna agar me galat hu magar muje Esa lagta hai apne apni shayari ke vishaya ko simit kar k rakha h.....

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