रविवार, जनवरी 23, 2011

देव भूमि-सा है देश




31 टिप्‍पणियां:

  1. सुशान्त जी हार्दिक धन्यवाद!

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  2. रश्मि प्रभा जी, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  3. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
    aapko bhi gantantra divas ki bahut bahut badhai

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  4. ह्रदय के द्वार बंद कर , स्वयं से हो गए जुदा
    तो कैसे होगी दोस्ती, किसी से, ये विचार लो

    ग़ज़ल के सारे शेर अच्छे हैं
    और ये शेर ग़ज़ल की जान मालूम पड़ता है

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  5. संजय दानी जी,बहुत -बहुत ..शुक्रिया.

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  6. संजय कुमार चौरसिया जी,हार्दिक धन्यवाद!

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  7. गिरीश पंकज जी,हार्दिक धन्यवाद!

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  8. दानिश जी, आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए। बहुत -बहुत ..शुक्रिया.

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  9. bouth he aacha post dr varsha ji... nice blog

    Pleace visit My Blog Dear Friends...
    Lyrics Mantra
    Music BOl

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  10. सामयिक है और सुन्दर है

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  11. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 25-01-2011
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

    http://charchamanch.uchcharan.com/

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  12. आपकी रचना बहुत अच्छी लगी ..सच बुहारने की ही ज़रूरत है ....

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  13. Dear ManPreet Kaur,welcome in my blog. I am regular visitor of Lyrics Mantra. And now I am join Music BOl.

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  14. कुंवर कुसुमेश जी, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद!

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  15. संगीता स्वरुप जी, चर्चा मंच पर आपके माध्यम से आना सुखद अनुभव रहता है। मेरी रचना को चर्चा में शामिल करने के लिए हार्दिक धन्यवाद!

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  16. कुंवर कुसुमेश जी, मेरे ब्लॉग से जुड़ने के लिए हार्दिक धन्यवाद!आपका स्वागत है। सम्वाद क़ायम रखें। आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा.

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  17. ह्रदय के द्वार बंद कर , स्वयं से हो गए जुदा
    तो कैसे होगी दोस्ती, किसी से, ये विचार लो

    बेहतरीन ...उम्दा भावाभिव्यक्ति वर्षाजी बधाई

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  18. संक्षिप्त मे गुज़रे वक्त की याद दिलाती हुई कर्तव्य-बोध कराती हुई सुंदर रचना……… "देव भूमि सा है देश, लोगों ने बदला है वेश भक्षक ही रक्षक बन न पावे इससे तुम उबार लो देव भूमि सा है देश, आरती उतार लो"

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  19. जय हिन्द, जय हिन्द के वासी।

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  20. डॉ॰ मोनिका शर्मा ,हार्दिक धन्यवाद! सम्वाद क़ायम रखें। आपके विचारों से मेरा उत्साह बढ़ेगा.

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  21. सूर्यकान्त गुप्ता जी, बहुत -बहुत ..शुक्रिया !

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  22. लोकेंद्र जी!आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  23. देव -भूमि सा है देश ............ बहुत सुन्दर रचना..
    देव भूमि को दूषित कर रहे है कुछ चाँद लोग..

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  24. के.आर.बारस्कर जी!आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  25. "to kaise hogi dosti kisi se ye vichaar lo ,
    kare gile shikve itne ,khud se ho gaye khafaa ,
    kshatipoorti aapa kijiyegaa -barkhaa ....
    veerubhai.
    rachnaayen aapki ek bimb, ek reverbaration (anugoonj )chhod jaati hain ...
    veerubhai.

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