शनिवार, मार्च 10, 2012

शायरी मेरी सहेली......


21 टिप्‍पणियां:

  1. फोटो बहुत सुन्दर है,ग़ज़ल भी अच्छी है.

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  2. aaj bahupreeteekshit ghazal padhne ko mili..lambe intezaar ke upraant es behtarin ghazal se nayi paari ka ajag...behtarin rachna ke liye sadar badhayee...holi kee dher sari shubhkamnaon ke sath

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  3. बहुत -बहुत बढ़िया गजल..

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  4. खूबसूरत...खूबसूरत...बहुत.....खूबसूरत

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  5. बेहतरीन शेर गढ़े हैं आपने..

    बहुत ही सुन्दर मनमोहक ग़ज़ल बन पडी है...

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  6. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  7. लम्बे अंतराल के बाद आपकी रचनायें पढ़कर आनंद आ गया. बेहतरीन.....

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  8. शायरी मेरी सहेली की तरह ,

    मेहँदी वाली हथेली की तरह .
    ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;
    ये मेरा दीवान वर्षा धूप का ,

    रोशनी की एक हवेली की तरह .
    मतले से मकते तक हर शैर एक सहज अंदाज़ में फूटा है दिल के सोते से
    इसका रिमिक्स आप जल्दी ही पढियेगा .

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