रविवार, अगस्त 14, 2011

शायद उसकी मजबूरी है ......


114 टिप्‍पणियां:

  1. एक एक शे’र में आपने रस की बरसात कर दी है। यूं तो हर शे’र लाजवाब हैं पर मुझे तो सबसे पसंद आया -
    संवादों से लगे पराया,
    दिल ही दिल में मंज़ूरी है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही खूबसूरत अशआर....
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  3. मनोज कुमार जी,
    मेरी ग़ज़ल पर आपके आत्मीय विचारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया है.... हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  4. एस एम हबीब जी,
    आपके विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं.... कृपया इसी तरह संवाद बनाए रखें....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर ...मन को भिगोते सुंदर शब्द पिरोये हैं.....

    उत्तर देंहटाएं
  6. डॉ॰ मोनिका शर्मा जी,
    आपने मेरी गज़ल को पसन्द किया.....आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए आभारी हूं...

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बरसा बादल प्रेम का भीग गया सब अंग / सुँदर ग़ज़ल . हर शेर लाजबाब .

    उत्तर देंहटाएं
  9. जब जब बरसी प्यार की वर्षा
    भीगी ये दुनिया पूरी है

    मन पर भावनाओं के निशान उकेरती अच्छी ग़ज़ल।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत खूबसूरत गज़ल ..

    सपनों की रंगत चमकीली बनी रहे ..भूरी नहीं .:):)

    उत्तर देंहटाएं
  11. शायद उसकी मजबूरी है ....

    क्या गज़ब का शेर बन पड़ा है ... पूरी गज़ल कमाल की है ...

    उत्तर देंहटाएं
  12. .




    बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है


    हमेशा की तरह ख़ूबसूरती का संगम :)
    ख़ूबसूरत ग़ज़ल !
    ख़ूबसूरत चित्र !!


    रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

    उत्तर देंहटाएं
  13. बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है

    ख़ूबसूरत ग़ज़ल सुन्दर भाव

    उत्तर देंहटाएं
  14. संवादों से लगे पराया,
    दिल ही दिल में मंज़ूरी है।
    .जब जब बरसी प्यार की वर्षा
    भीगी ये दुनिया पूरी है
    बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है .
    हर धड़कन पूरी - पूरी है ,
    कायनात उससे "नूरी" है .तारीफ़ करूँ क्या उसकी जिसने तुझे रचाया ......

    HypnoBirthing: Relax while giving birth?
    http://veerubhai1947.blogspot.com/
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
    Sunday, August 14, 2011
    चिट्ठी आई है ! अन्ना जी की PM के नाम !
    व्हाई स्मोकिंग इज स्पेशियली बेड इफ यु हेव डायबिटीज़ ?

    उत्तर देंहटाएं
  15. सुंदर रचना
    "गंध प्यार की कस्तूरी है"
    खूबसूरत भाव ।

    उत्तर देंहटाएं
  16. प्रवीण पाण्डेय जी,
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए आभारी हूं...

    उत्तर देंहटाएं
  17. वन्दना जी,
    मेरी गज़ल पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  18. संगीता स्वरुप जी,
    तेताला में मेरी ग़ज़ल को शामिल करने के लिए अत्यंत आभार....

    उत्तर देंहटाएं
  19. आशीष जी,
    मेरी गज़ल पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  20. अंकित पाण्डेय जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरी गज़ल आपको पसन्द आई....बहुत-बहुत आभार......

    उत्तर देंहटाएं
  21. संजय कुमार चौरसिया जी,
    अपने विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
    इसी तरह आत्मीयता बनाएं रखें।

    उत्तर देंहटाएं
  22. महेन्द्र वर्मा जी,
    आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए आभारी हूं...

    उत्तर देंहटाएं
  23. संगीता स्वरुप जी,
    आपकी शुभकामनाएं मेरा सम्बल हैं.
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  24. दिगम्बर नासवा जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  25. डॉ .वर्षा सिंह जी ,
    साल गिरह मुबारक यौमे आज़ादी की ।
    http://veerubhai1947.blogspot.com/

    रविवार, १४ अगस्त २०११
    संविधान जिन्होनें पढ़ा है .....

    उत्तर देंहटाएं
  26. राजेन्द्र स्वर्णकार जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरी गज़ल आपको पसन्द आई....बहुत-बहुत आभार......

    उत्तर देंहटाएं
  27. कुश्वंश जी,
    आपका स्नेह मेरी गज़ल को मिला..यह मेरा सौभाग्य है.

    उत्तर देंहटाएं
  28. वीरूभाई जी,
    मेरी गज़ल पर प्रतिक्रिया देने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  29. सागर जी,
    मेरी गज़ल को आत्मीयता प्रदान करने के लिये आभार....

    उत्तर देंहटाएं
  30. अजय कुमार जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....

    उत्तर देंहटाएं
  31. वीरूभाई जी,
    आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  32. ग़ज़ब के शेर कहे हैं आपने,वाह.
    स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  33. स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और ढेर सारी बधाईयां

    उत्तर देंहटाएं
  34. कुंवर कुसमेश जी,
    मेरे शेरों पर आपकी दाद पा कर दिल खुश हो गया.....बहुत-बहुत धन्यवाद.
    आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  35. चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.
    आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  36. bheego ko aur mat bhigoiye varsha ji.

    :)

    sunder rachna.

    mere is blog par bhi aapka swagat hai.

    http://anamka.blogspot.com/2011/08/15.html

    उत्तर देंहटाएं
  37. अनामिका जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  38. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब ग़ज़ल!
    आपको एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  39. बबली जी,
    इस आत्मीय टिप्पणी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
    आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  40. बेहद सहज है...प्यार की अभिव्यक्ति...स्वतंत्रता दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकार करें...

    उत्तर देंहटाएं
  41. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  42. वाणभट्ट जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....
    बहुत-बहुत धन्यवाद.
    आपको भी स्वतंत्रता दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  43. यशवन्त माथुर जी,
    बहुत-बहुत धन्यवाद.
    आपको भी स्वतंत्रता दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  44. सुन्दर अश'आर के साथ खूबसूरत तस्वीर बहत बढ़िया प्रभाव छोड़ रही है ।
    स्वतंत्रता दिवस की मंगल कामनाएं ।

    उत्तर देंहटाएं
  45. शुक्रिया आपकी त्वरित ब्लोगिया टिपण्णी और इस खूबसूरत ग़ज़ल के लिए जो लम्बे अंतराल के बाद नसी

    उत्तर देंहटाएं
  46. भिगो दिया आपकी प्यार भरी गज़ल ने । बहुत उम्दा ।

    उत्तर देंहटाएं
  47. डॉ टी एस दराल जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  48. ज्योति सिंह जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.
    आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  49. वीरूभाई जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  50. रचना जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि मेरी गज़ल आपको पसन्दआई...बहुत-बहुत आभार......

    उत्तर देंहटाएं
  51. आशा जोगळेकर जी,
    अपने विचारों से अवगत कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
    इसी तरह आत्मीयता बनाएं रखें।

    उत्तर देंहटाएं
  52. Tuesday, August 16, 2011
    उठो नौजवानों सोने के दिन गए ......
    उठो नौजवानों सोने के दिन गए ,वो महफिलें ,वो खिलवतें(खिलअतें) होने के दिन गए ,
    मखमल के तकिये और बिछौने के दिन गए ,मुंह हाथ आठ नौ बजे धुने के दिन गए ,
    किसकाम का वो दरिया ,जिस में नहीं रवानी ,गर जोश दिल में न हो किस काम की जवानी ।
    जिन्होनें संविधान पढ़ लिया है उन्होंने अन्ना जी को सिविल लाइंस में "नॉन -सिविल "तरीके से गिरिफ्तार कर लिया है .इस वक्त पूरा देश अन्ना मय है .एक हफ्ते के लिए छुट्टी लेकर देश हित में है .सुना है दिल्ली पुलिस देखते ही देखते सारे निर्णय ले रही है .काग भगोड़े मूढ़ -धन्य लोगों की बैठक ले रहें हैं .इस देश की सरकार के ताबूत में अन्नाजी आखिरी कील साबित होंगे .महारानी इटली पहले ही भाग चुकीं हैं .मंद मति राजकुमार का कोई अता पता नहीं है ।
    किरण बेदी का भूत दिल्ली पुलिस पर बरपा है .
    देश में उत्तर से लेकर दक्षिण तक लोग सड़कों पर उतर आयें हैं .आखिर दिल्ली पुलिस इस जन -सैलाब को कैसे रोकेगी ?उसका बहुलांश तो "वी वी आई पी "सुरक्षा के पास गिरवीं है ?
    दिल्ली ,लखनऊ ,इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र अन्ना जी के समर्थन में उतर आयें हैं .सड़कों में यहाँ वहां चक्का जाम लगा है .सरकार हतप्रभ ,मती -भ्रम की स्थिति में है .

    उत्तर देंहटाएं
  53. जब जब बरसी प्यार की वर्षा .........आपकी द्रुत प्रतिक्रया के चलते अन्ना जी से सम्बद्ध उदगार आपके यहाँ भी टिपिया गए हम .हिमाकत की है .आदाब !जय !हिंद !जय !भारत !

    उत्तर देंहटाएं
  54. ("जब जब बरसी प्यार की वर्षा ......)...आपकी द्रुत प्रतिक्रया के चलते अन्ना जी से सम्बद्ध उदगार आपके यहाँ भी टिपिया गए हम .हिमाकत की है .आदाब !जय !हिंद !जय !भारत !
    भीगी ये दुनिया पूरी है ."बेहतरीन ग़ज़ल कोयल की कूक ,चातक की हूक बनके गुंजन करती रहती है हमारे गिर्द .

    उत्तर देंहटाएं
  55. ("जब जब बरसी प्यार की वर्षा ......)...आपकी द्रुत प्रतिक्रया के चलते अन्ना जी से सम्बद्ध उदगार आपके यहाँ भी टिपिया गए हम .हिमाकत की है .आदाब !जय !हिंद !जय !भारत !
    भीगी ये दुनिया पूरी है ."बेहतरीन ग़ज़ल कोयल की कूक ,चातक की हूक बनके गुंजन करती रहती है हमारे गिर्द .
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
    Tuesday, August 16, 2011
    उठो नौजवानों सोने के दिन गए ......

    उत्तर देंहटाएं
  56. जब जब बरसी प्यार की वर्षा
    भीगी ये दुनिया पूरी है
    हर अशआर विरह -श्रृंगार का मिश्र .
    Tuesday, August 16, 2011
    उठो नौजवानों सोने के दिन गए ......
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
    सोमवार, १५ अगस्त २०११
    संविधान जिन्होनें पढ़ लिया है (दूसरी किश्त ).
    http://veerubhai1947.blogspot.com/
    मंगलवार, १६ अगस्त २०११
    त्रि -मूर्ती से तीन सवाल .

    उत्तर देंहटाएं
  57. अरे कमाल का लिखा है आज तो……………मेरे पास तो शब्द कम पड गये है तारीफ़ के लिये…………अद्भुत्।

    उत्तर देंहटाएं
  58. वीरूभाई जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  59. संजय भास्कर जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए...
    आपका स्नेह मेरी गज़ल को मिला..यह मेरा सौभाग्य है. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  60. बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है

    उत्तर देंहटाएं
  61. बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है ......मतला इससे भी लाज़वाब हो सकता है क्या /और आपकी हाज़िर ज़वाबी को शतश नमन :वर्षा ji Tuesday, August 16, 2011
    उठो नौजवानों सोने के दिन गए ......http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
    सोमवार, १५ अगस्त २०११
    संविधान जिन्होनें पढ़ लिया है (दूसरी किश्त ).
    http://veerubhai1947.blogspot.com/
    मंगलवार, १६ अगस्त २०११
    त्रि -मूर्ती से तीन सवाल

    उत्तर देंहटाएं
  62. bahut sundar ..... aap bahut accha likhti hai .
    kabhi aapka anmol samay hamare blog ko bhi dijiye .
    mere blog par aapka swagat hai .
    mai aap se joodna chaahti hoon .

    उत्तर देंहटाएं
  63. You are welcome at my new posts-
    http://urmi-z-unique.blogspot.com/
    http://amazing-shot.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  64. चमक रही है सुन्दर-प्यारी
    कविता बिलकुल सिंदूरी है.
    शब्द-शब्द में प्यार समाया
    कविता कह लो या नूरी है.
    शुभकामनाये.

    उत्तर देंहटाएं
  65. वीरूभाई जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  66. शशि पुरवार जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  67. गिरीश पंकज जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  68. डॉ .वर्षा जी आपका इस क्रान्ति पर्व पर अभिनन्दन .
    Live updates: Anna Hazare leaves Tihar jail to begin hunger strike


    --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
    Confrontation between Team Anna and Delhi police ends as Anna Hazare gets permission for two weeks of fasting.

    Are you attending a protest?
    संसद में चेहरा बनके आओ माइक बनके नहीं .मौजूदा सरकार और प्रधान मंत्री जी के पास पद तो हैं ,प्रतीक नहीं हैं .संसद को कुछ वकीलों ने अदालत बना दिया है .गिनती की बात करतें हैं ये लोग ,अब चार आदमी भी अपने साथ ले आयें .सब एक दूसरे को जो घटित हुआ है उसके लिए दोषी ठेहरा रहें हैं .आधिकारिक प्रवक्ता अपने वजूद को कोस रहें हैं .
    दो पक्ष होतें हैं एक अच्छा एक बुरा .जब बुरा, बहुत बुरा हो जाता है तब अच्छाई उनके लिए भी स्वीकार्य हो जाती है .अन्ना जी एक प्रतीक बन उभरे हैं उज्जवल पक्ष के जिसे आभा सरकार के कालिख होते एहंकार ने दी है .
    प्रधान मंत्री "माइक" बनके संसद में आतें हैं सच और झूठ बोलते वक्त उनका चेहरा यकसां लगता है .अब भी वह अपनी गलती सुधार कर एक "चेहरा" बनके आ सकतें हैं .अपनी गलती मान के कह सकतें हैं ,अन्नाजी हम गलत थे ,हम आपके प्रस्तावों को विचारार्थ संसद के पटल पर विमर्श के लिए रखेंगे .हम आपके साथ हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  69. संवादों से लगे पराया,
    दिल ही दिल में मंज़ूरी है।

    waah! bahut hi pyaari ghazal

    उत्तर देंहटाएं
  70. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  71. इस बेहतरीन रचना के लिए दाद स्वीकारें...बहुत उम्दा!

    उत्तर देंहटाएं
  72. बीच हमारे कुछ दूरी है
    शायद उसकी मजबूरी है ....
    उम्मीद का दामन,प्रेम की पकड़
    कच्चे धागे की जकड के लिए काफी है ...दिल के करीब दिल की बात ...खूबसूरत ज़ज्बात
    और क्या कहूँ ......

    उत्तर देंहटाएं
  73. वीरूभाई जी,
    आपका भी अभिनन्दन .

    उत्तर देंहटाएं
  74. 'साहिल'जी,
    हार्दिक धन्यवाद एवं आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  75. उर्मि जी,
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  76. समीर लाल जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी इस आत्मीय टिप्पणी के लिए...
    आपका स्नेह मेरी गज़ल को मिला..यह मेरा सौभाग्य है.

    उत्तर देंहटाएं
  77. अंजू जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  78. आपको एवं आपके परिवार को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  79. बहुत ही सुन्दर ! पढकर बहुत अच्छा लगा....आभार

    उत्तर देंहटाएं
  80. You are welcome at my new post-
    http://urmi-z-unique.blogspot.com
    http://amazing-shot.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  81. भीगा तन-मन चढ़ा नशा सा
    यह बरखा तो अंगूरी है.

    हमेशा की तरह बेहतरीन गीत.

    उत्तर देंहटाएं
  82. Divya ji- ZEAL ,
    I am very glad to see your comment on my ghazal. Hearty thanks.

    उत्तर देंहटाएं
  83. Urmi ji - Babli,
    It's pleasure to me . I'm thankful to you.
    I'm going to visit your Blog just now.

    उत्तर देंहटाएं
  84. Arvind Jangid ji,
    I feel honored by your comment.It's pleasure to me .

    उत्तर देंहटाएं
  85. अरुण कुमार निगम जी,
    इस उत्साहवर्द्धन के लिए अत्यन्त आभारी हूं।
    आपको बहुत-बहुत धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  86. खूबसूरत ग़ज़ल , इस यात्रा पर पहली बार आना हुआ, दिल ख़ुश हुआ.

    उत्तर देंहटाएं
  87. मंसूर अली जी,
    आप जैसे वरिष्ठ शायर के विचार मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं....अपने विचारों से अवगत कराने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद।
    मेरे ब्लॉग्स पर आपका हमेशा स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  88. जैसे ही आसमान पे देखा हिलाले-ईद.
    दुनिया ख़ुशी से झूम उठी है,मनाले ईद.
    ईद मुबारक

    उत्तर देंहटाएं
  89. कैलाश सी शर्मा जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  90. कुंवर कुसुमेश जी,
    बहुत-बहुत धन्यवाद।
    ईद और गणेश चतुर्थी की आपको भी हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  91. बधाई,बधाई बधाई हर उस बात की ,जिसमें आप की खुशी शामिल हो
    आभार! आप की स्नेह भरी 'वर्षा 'का...
    बधाई और शुभकामनायें देने में देरी कोई मायने नही रखती ..??

    उत्तर देंहटाएं
  92. अशोक'अकेला' जी,- यादें-
    सही कहा आपने... बधाई और शुभकामनायें देने में देरी कोई मायने नही रखती ..
    देर से सही, आपका आना सुखद लगा ......आपका स्वागत है। हार्दिक धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  93. भाव और अर्थ सौन्दर्य लिए हैं अशआर आपके .बधाई !कहतें हैं आपको वीरुभाई !
    नए अशआर आपके हमेशा ही प्रतीक्षित रहतें हैं .
    शुक्रवार, २ सितम्बर २०११
    खिश्यानी सरकार फ़ाइल निकाले ...

    उत्तर देंहटाएं
  94. मैं समय न मिलने और कुछ व्यक्तिगत कारणों से बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ.
    हमेशा की तरह बेहतरीन गीत
    किन शब्दों में इस अप्रतिम रचना की प्रशंशा करूँ...बेजोड़..

    उत्तर देंहटाएं
  95. जब मेरे प्यार की तू है तृष्णा
    फिर क्यूँ तुझसे दूरी है

    dil ko chune wali gazal

    उत्तर देंहटाएं
  96. मदन शर्मा जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  97. shephali ji,
    Thank you so much for liking the post .
    You're always welcome.

    उत्तर देंहटाएं
  98. मन बहकाए तन बहकाए ,
    गंध प्यार की कस्तूरी है .
    खूबसूरत हैं अंदाज़ आपके ,
    मिलतें हैं कभी कभार ही अशआर आपके .
    ब्लोगिया दस्तक भली लगती है ,अनकही ग़ज़ल लगती है .

    उत्तर देंहटाएं
  99. बहुत खूब कहा है आपने ।

    उत्तर देंहटाएं
  100. वीरूभाई जी,
    अनुगृहीत हूं आपकी आत्मीय टिप्पणी के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  101. सदा जी,
    यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आपको मेरी गज़ल पसन्द आई....
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं