महिलाओं को समर्पित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
महिलाओं को समर्पित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, मार्च 18, 2021

औरत | महिलाओं को समर्पित | ग़ज़ल | डॉ. वर्षा सिंह

Dr. Varsha Singh

ग़ज़ल


औरत

- डॉ. वर्षा सिंह

ख़ूबसूरत सा ख़्वाब है औरत

ज़ुल्मतों का जवाब है औरत


इसको पढ़ना ज़रा आहिस्ता से 

प्यार की इक किताब है औरत


इस जहां के हज़ार कांटों में

इक महकता गुलाब है औरत


इसमें दुर्गा, इसी में मीरा भी

आधी दुनिया की आब है औरत


जोड़, बाकी, बटा, गुणा "वर्षा"

ज़िन्दगी का हिसाब है औरत