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| "ग़ज़ल जब बात करती है"- डॉ. वर्षा सिंह |
शिवना प्रकाशन की फेसबुक वाल पर यह सूचना है- "नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में शिवना प्रकाशन के स्टॉल पर वरिष्ठ कवयित्री डॉ. वर्षा सिंह का नया ग़ज़ल संग्रह "ग़ज़ल जब बात करती है" उपलब्ध रहेगा। "
मित्रों, दरअसल.. मेरा पांचवां ग़ज़ल संग्रह "दिल बंजारा" वर्ष 2012 में प्रकाशित हुआ था... तब के बाद मित्र अक्सर पूछते- आपका अगला संग्रह कब आ रहा है ? तमाम तरह की व्यस्तताओं के चलते मुस्कुरा कर टाल जाती थी मैं... लेकिन शिवना प्रकाशन को बहुत धन्यवाद दिल से... जिसकी बदौलत अब मेरे पास जवाब है - लीजिए यह रहा मेरा ताज़ा छठवां ग़ज़ल संग्रह ....
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| "ग़ज़ल जब बात करती है"- डॉ. वर्षा सिंह |
जी हां, मेरी इस ग़ज़लयात्रा में मुझे कभी धूप मिली तो कभी छांव। इस दफ़ा छांव की शीतलता का सुखद अहसास कराया है शिवना प्रकाशन ने। इस प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान की प्रकाशन की दुनिया में अपनी अलग ही पहचान है।
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| शिवना प्रकाशन की नई पुस्तकें |
साहित्यमनीषी, कथाकार, उपन्यासकार, गज़लकार, व्यंग्यकार, सम्पादक ... या एक शब्द में यूं कहूं कि बहुप्रतिभाशाली भाई पंकज सुबीर और उनके बेहद जागरूक सहयोगी ग़ज़लकार अधिवक्ता शहरयार अमजद ख़ान सहित शिवना प्रकाशन टीम की मैं तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने मेरी ग़ज़लों को संग्रह का रूप दिया।
.... और आप सभी ब्लॉगर मित्रों के प्रति भी आभार जिन्होंने समय-समय पर अपनी टिप्पणियों के माध्यम से मुझे प्रोत्साहित किया।





