ग़ज़लयात्रा GHAZALYATRA
ग़ज़ल पत्रिका By Dr Varsha Singh
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रविवार, नवंबर 11, 2018
रात भर खिलखिलाती रही चांदनी
Dr. Varsha Singh
चांद ने जाने चुपके से क्या कह दिया
रात भर खिलखिलाती रही चांदनी
राग मौसम ने छेड़ा अजब प्यार का
डूब कर गुनगुनाती रही चांदनी
- डॉ. वर्षा सिंह
#ग़ज़लवर्षा
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