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Dr. Varsha Singh |
- डॉ. वर्षा सिंह
जब मेरे इश्क़ का चर्चा होगा।
ज़िक्र तेरे गुलाब का होगा।
दीन-दुनिया से बेख़बर है वो,
उसने 'लव यू', उसे कहा होगा।
भर गई ताज़गी हवाओं में,
फूल कोई कहीं खिला होगा।
उसके होंठों पे मुस्कुराहट है,
उसने मैसेज अभी पढ़ा होगा
ठौर होगा जहां पे सावन का
वही "वर्षा" का भी पता होगा।
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Happy Rose Day - Dr. Varsha Singh |
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (10-02-2019) को "तम्बाकू दो त्याग" (चर्चा अंक-3243) पर भी होगी।
जवाब देंहटाएं--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'