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डॉ. वर्षा सिंह |
विश्व हिन्दी दिवस दिनांक 10 जनवरी पर विशेष*
ग़ज़ल
लुभा रही है हिन्दी
- डॉ. वर्षा सिंह
ज्ञान मार्ग में नित नए दीपक जला रही है हिन्दी
दुनिया भर के देशों को भी लुभा रही है हिन्दी
हिन्दी में यह खूबी है कि सबको यह अपनाए
साथ समय के क़दम मिला कर बुला रही है हिन्दी
हिन्दी की है सखी-सहेली, उर्दू, अरबी, इंग्लिश
बहनापे का रिश्ता सबसे निभा रही है हिन्दी
यूं तो भाषाएं अनेक हैं, बोली यहां हज़ारों
लेकिन सबको इक माला में सजा रही है हिन्दी
गंगा की पावनता इसमें, यमुना की निर्मलता
अपनेपन की अद्भुत धारा बहा रही है हिन्दी
इक दिन होगी दुनिया भर में संपर्कों की भाषा
अपनी गुणवत्ता को ऐसी बढ़ा रही है हिन्दी
समय बना प्रतिकूल भले हो "वर्षा" अडिग रही है
निर्भय हो कर जीवन जीना सिखा रही है हिन्दी
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मेरी यह ग़ज़ल आज दिनांक 10 जनवरी 2020 को "पत्रिका" (राजस्थान पत्रिका) के सागर संस्करण में प्रकाशित हुई है.....
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