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Dr. Varsha Singh |
तमसो मा ज्योतिर्गमय ....
आज 5 अप्रैल रविवार रात 9 बजे पूरे देश के साथ मैंने भी अपने घर की बालकनी पर दीप जलाया।
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योति नमोऽस्तु ते।।
दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते।।
.... अर्थात शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का नाश करने वाली, साथ ही शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली दीपक की ज्योति को हम नमस्कार करते हैं।
दीपक की ज्योति परम्ब्रह्म है, दीपक की ज्योति जनार्दन है, दीपक की ज्योति पापों को हरने वाली है, सांध्य दीपक की ज्योति को हम नमस्कार करते हैं।
🇮🇳 मेरा भारत, स्वस्थ भारत 🇮🇳
Go Corona
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल गुरुवार (08-04-2020) को "मातृभू को शीश नवायें" ( चर्चा अंक-3665) पर भी होगी।
जवाब देंहटाएं--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
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डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
हार्दिक आभार आदरणीय शास्त्री जी 🙏
हटाएंआओ दीप से दीप जलाएं
जवाब देंहटाएंजग में उजियारा फैलाएं
सहर्ष अनिता जी 🙏
हटाएंबहुत धन्यवाद 💐