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Dr. Varsha Singh |
मेरीे ग़ज़ल को web magazine नवीन कदम के अंक दिनांक 21 अप्रैल 2019 में स्थान मिला है।
ग़ज़ल
चलो, अच्छा किया तुमने !
- डॉ. वर्षा सिंह
मसल डाले मेरे सपने चलो, अच्छा किया तुमने
रहे तुम कब मेरे अपने! चलो अच्छा किया तुमने!
वो पल जो साथ गुज़रे थे, उन्हें कैसे सम्हालूं मैं
निशानी भी लगी मिटने, चलो, अच्छा किया तुमने!
मुझे दी पीर की सौगात तुमने, प्यार के बदले
लगे आंसू यहां बहने, चलो, अच्छा किया तुमने !
अधूरी रह गई ख़्वाहिश उड़ूं मैं आसमानों में
लगी है सांस अब घुटने, चलो, अच्छा किया तुमने!
कभी पूछा नहीं "वर्षा", अगर कहना जो कुछ चाहा,
दिया मुझको नहीं कहने, चलो, अच्छा किया तुमने!
#ग़ज़लवर्षा
http://navinkadam.com/?p=4552
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http://navinkadam.com/?p=4552 |
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (23-04-2019) को "झरोखा" (चर्चा अंक-3314) पर भी होगी।
जवाब देंहटाएं--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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पृथ्वी दिवस की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
बहुत बहुत हार्दिक आभार 🙏
हटाएंचलो अच्छा किया तुमने
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
आपकी प्रशंसात्मक टिप्पणी के लिए आपके प्रति हार्दिक आभार 🙏
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