आगामी 01 फरवरी को मोदी सरकार 2.0 का दूसरा बजट पेश होने वाला है। सभी वर्गों की जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं, ख़ास तौर पर मध्यम वर्ग को.... जिस पर मंहगाई, बेरोज़गारी आदि का असर सबसे ज़्यादा पड़ता है।
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| Dr. Varsha Singh |
अपनी ताज़ा ग़ज़ल के धागे में केन्द्रीय बजट 2020 से की जाने वाली इन्हीं उम्मीदों को मैंने यहां पिरोने की कोशिश की है...
बजट केन्द्र का ऐसा हो जो राहत देने वाला हो
निर्धन के घर में भी सुख को दावत देने वाला हो
मंहगाई पर अंकुश वाला बजट बने कुछ अब ऐसा
बिगड़ी स्थितियों को बेहतर हालत देने वाला हो
हमको है उम्मीद बजट से, ऐसा कोई सूत्र मिले
रुपये को मज़बूती दे कर ताकत देने वाला हो
नहीं निराशा रहे शेष अब कहीं किसी के भी मन में
आने वाला वक़्त सभी को चाहत देने वाला हो
सच्चे अर्थों में विकास का मंत्र तभी मिल पाएगा
"वर्षा" जब यह तंत्र नया इक भारत देने वाला हो
-डॉ. वर्षा सिंह
मेरी इस ग़ज़ल को web magazine युवा प्रवर्तक के अंक दिनांक 28 जनवरी 2020 में स्थान मिला है।
युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
मित्रों, यदि आप चाहें तो पत्रिका में इसे इस Link पर भी पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=24672
बजट केन्द्र का ऐसा हो
- डॉ. वर्षा सिंह
बजट केन्द्र का ऐसा हो जो राहत देने वाला हो
निर्धन के घर में भी सुख को दावत देने वाला हो
मंहगाई पर अंकुश वाला बजट बने कुछ अब ऐसा
बिगड़ी स्थितियों को बेहतर हालत देने वाला हो
हमको है उम्मीद बजट से, ऐसा कोई सूत्र मिले
रुपये को मज़बूती दे कर ताकत देने वाला हो
नहीं निराशा रहे शेष अब कहीं किसी के भी मन में
आने वाला वक़्त सभी को चाहत देने वाला हो
सच्चे अर्थों में विकास का मंत्र तभी मिल पाएगा
"वर्षा" जब यह तंत्र नया इक भारत देने वाला हो
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सागर, मध्यप्रदेश
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| युवाप्रवर्तक में प्रकाशित ग़ज़ल - डॉ. वर्षा सिंह |